भिलाई (काला सूरज)। जामुल थाना क्षेत्र के अंतर्गत श्री राम होटल के समीप संचालित एक कबाड़ गोदाम में पुलिस की टीम द्वारा दबिश दिए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 3 दिन पूर्व एक संदिग्ध डीआई (DI) वाहन को रोका, जिसमें कथित तौर पर प्लास्टिक के बोरों के नीचे भारी मात्रा में अवैध लोहा छुपाकर खपाने की तैयारी की जा रही थी।
मुखबिर की सूचना पर हुई थी घेराबंदी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जामुल पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि कबाड़ गोदाम संचालक पिंकू सिंह के ठिकाने से अवैध रूप से चोरी का लोहा परिवहन करने की योजना है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गोदाम के समीप ही घेराबंदी की और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया।
कार्रवाई के बाद गायब हुआ लोहा? चर्चाओं का बाजार गर्म
इस पूरी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। विभागीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से यह बात सामने आ रही है कि जब्ती की प्रक्रिया के दौरान वाहन में मौजूद कथित अवैध लोहा गायब कर दिया गया और केवल प्लास्टिक को ही रिकॉर्ड में दिखाया गया।
क्या है आरोप?
स्थानीय स्तर पर और सूत्रों के माध्यम से यह गंभीर आरोप लग रहे हैं कि मामले को रफा-दफा करने के लिए कथित रूप से “लेन-देन” का खेल हुआ है। चर्चा है कि बिना किसी एफआईआर (F.I.R.) दर्ज किए ही मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठ रही हैं।
जांच और निष्पक्ष पक्ष की आवश्यकता
इस पूरे मामले में अभी तक जामुल पुलिस या किसी वरिष्ठ अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कबाड़ गोदाम संचालक पिंकू सिंह पर लगे आरोपों और पुलिस की इस कथित कार्रवाई के पीछे की वास्तविक सच्चाई क्या है, यह उच्च स्तरीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। विभागीय अधिकारियों द्वारा इस मामले को संज्ञान में लिया जाना बेहद जरूरी है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।